उदयपुर में इंसानियत को मिली सजा! मदद के लिए रुके युवक के साथ आँखों मे स्प्रे,मारपीट अगवा कर ऑनलाइन वसूली, पुलिस जांच में जुटी

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 उदयपुर में इंसानियत को मिली सजा! मदद के लिए रुके युवक के साथ आँखों मे स्प्रे,मारपीट अगवा कर ऑनलाइन वसूली, पुलिस जांच में जुटी



उदयपुर | N8 News

उदयपुर में अपराध की बढ़ती घटनाओं के बीच प्रतापनगर थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक युवक ने आरोप लगाया है कि सड़क किनारे पड़े एक व्यक्ति की मदद करना उसके लिए भारी पड़ गया। पीड़ित के अनुसार, उसे कथित रूप से जाल में फंसाकर अगवा किया गया, उसके साथ मारपीट की गई, जान से मारने की धमकी दी गई और ऑनलाइन रुपये वसूले गए।

पीड़ित युवक ने बताया कि शनिवार शाम करीब 6 बजे वह काम से लौटते समय देबारी चौराहे से आगे नाथी तलाई होकर अपने घर जा रहा था। इसी दौरान सड़क किनारे एक व्यक्ति पड़ा दिखाई दिया, जिसके मुंह से झाग निकल रहे थे और वह पानी मांग रहा था। मानवता के नाते युवक अपनी स्कूटी रोककर उसे पानी पिलाने के लिए नीचे झुका।

युवक का आरोप है कि तभी सड़क पर पड़े व्यक्ति ने उसकी आंखों में स्प्रे कर दिया, जिससे उसे धुंधला दिखाई देने लगा। इसी बीच एक कार वहां पहुंची और उसमें सवार लोगों ने कथित रूप से उसे जबरन कार में बैठाकर अगवा कर लिया।

पीड़ित के अनुसार, कार में उसके हाथ बांध दिए गए, मोबाइल छीन लिया गया और उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। आरोप है कि उसके कपड़े उतरवाकर वीडियो बनाया गया तथा गले पर चाकू रखकर जान से मारने की धमकी दी गई। साथ ही उसके परिवार से 2 लाख रुपये की मांग की गई।

शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने युवक से अपने परिचितों ऑनलाइन पैसे मंगवाएं और फिर युवक के फोन से उनके नंबरों अलग-अलग करीब सात -आठ मोबाइल नंबरों पर कुल ₹26,000 ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए। इसके बाद उसे उसी क्षेत्र के पास सड़क किनारे छोड़कर फरार हो गए। पीड़ित का कहना है कि आरोपियों ने उसके मोबाइल का पैटर्न लॉक भी बदल दिया।

घटना की जानकारी मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और युवक को घर ले गए। उसी रात प्रतापनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। अगले दिन उसका मेडिकल परीक्षण भी कराया गया।

प्रतापनगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल ट्रांजैक्शन, मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।

यह घटना सुनसान मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था और अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।

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