Udaipur देबारी में ट्रक की चपेट में आने से बुजुर्ग की दर्दनाक मौत,खतरनाक एक्सीडेंटल जोन बन चुका है देबारी सर्किल, आए दिन हो रहे हादसों पर उठे सवाल,

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 देबारी में ट्रक की चपेट में आने से बुजुर्ग की दर्दनाक मौत

अहमदाबाद मार्ग के कट पर भीषण हादसा, महाराज की खेड़ी निवासी बाबूदास जी वैष्णव वैरागी ने गंवाई जान

खतरनाक एक्सीडेंटल जोन बन चुका है देबारी सर्किल, आए दिन हो रहे हादसों पर उठे सवाल

उदयपुर। उदयपुर-चित्तौड़गढ़ मार्ग पर देबारी सर्किल के समीप अहमदाबाद जाने वाले मार्ग के कट पर बुधवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। ट्रक की चपेट में आने से महाराज की खेड़ी निवासी बाबूदास जी वैष्णव वैरागी (60 वर्ष) गंभीर रूप से ट्रक के नीचे आ गए।

हादसे की सूचना मिलते ही प्रतापनगर थाने के उप निरीक्षक अशोक कुमार सिंह तत्काल मौके पर पहुंचे। पुलिस की सहायता से एंबुलेंस के माध्यम से घायल बाबूदास जी को एमबी हॉस्पिटल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शाम हो जाने के कारण शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। गुरुवार को शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया।

इस संबंध में मृतक के पुत्रों तुलसीदास एवं धर्मेंद्र द्वारा प्रतापनगर थाने में सूचना रिपोर्ट दी गई। उप निरीक्षक अशोक कुमार सिंह ने शव का पंचनामा तैयार किया। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल ट्रक को मौके से कब्जे में ले लिया।

खतरनाक एक्सीडेंटल जोन बनता जा रहा देबारी से अहमदाबाद की चढाई 

देबारी सर्किल और अहमदाबाद मार्ग का यह यह ऊपर की चढ़ाई अब खतरनाक एक्सीडेंटल जोन बनता जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार यहां आए दिन सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं और कई परिवार अपने प्रियजनों को खो चुके हैं।

यह मार्ग अत्यंत व्यस्त है। अहमदाबाद की ओर जाने वाले वाहन इस कट से चढ़ाई पर तेज गति से निकलते हैं। ऐसे में वाहनों की तेज रफ्तार और मार्ग की बनावट दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा रही है।

आखिर कब जागेगा प्रशासन?

लगातार हो रहे हादसों के बावजूद इस स्थान पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने की जरूरत है। स्थानीय लोगों की मांग है कि यहां यातायात नियंत्रण, चेतावनी संकेतक बोर्ड, स्पीड कंट्रोल, पर्याप्त रोशनी और अन्य आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं की जाएं, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को इस तरह का दुख न झेलना पड़े।

एक बार फिर सड़क हादसे ने एक परिवार को गहरे दुख में डाल दिया। आखिर देबारी के इस खतरनाक कट पर स्थायी समाधान कब होगा?

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