अध्यक्ष चुनाव में भाजपा सबसे आगे, शहरी सत्ता पर मजबूत पकड़ ,302 निकायों के परिणाम घोषित, कांग्रेस दूसरे स्थान पर, 7 जगह निर्दलीयों की जीत

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उदयपुर / जयपुर। (n8News Network) राजस्थान के नगरीय निकाय चुनावों में अध्यक्ष पद के परिणाम सामने आने के साथ ही प्रदेश की शहरी सरकारों की तस्वीर लगभग साफ हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अब तक घोषित 302 निकायों के परिणामों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 198 अध्यक्ष पदों पर जीत दर्ज कर सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। कांग्रेस को 94 अध्यक्ष पद मिले हैं, जबकि 7 निकायों में निर्दलीय उम्मीदवार अध्यक्ष बनने में सफल रहे हैं।

भाजपा को मिले 198 अध्यक्ष पद घोषित परिणामों का दो-तिहाई से अधिक हिस्सा हैं, जो शहरी क्षेत्रों में पार्टी की मजबूत स्थिति को दर्शाते हैं। कांग्रेस ने भी कई निकायों में जीत दर्ज की, लेकिन कुल आंकड़ों में भाजपा स्पष्ट बढ़त बनाए रखने में सफल रही। इसके अलावा आम आदमी पार्टी (AAP), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPIM) और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) को एक-एक अध्यक्ष पद मिला है, जबकि भारतीय आदिवासी पार्टी (BAP) का खाता नहीं खुल पाया।


इस चुनाव की सबसे दिलचस्प तस्वीर निर्दलीय उम्मीदवारों की रही। पार्षद चुनाव में मजबूत प्रदर्शन करने वाले निर्दलीयों ने कई निकायों में सत्ता के समीकरण तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इतना ही नहीं, 7 निकायों में निर्दलीय उम्मीदवार स्वयं अध्यक्ष पद तक पहुंचे। कई स्थानों पर उनके समर्थन ने बोर्ड गठन की दिशा तय की और वे ‘किंगमेकर’ की भूमिका में नजर आए।

निकायों के श्रेणीवार परिणामों में 10 नगर निगमों में से 6 पर भाजपा और 1 पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की है, जबकि 3 नगर निगमों के परिणाम अभी घोषित होने बाकी हैं। 47 नगर परिषदों में भाजपा ने 30, कांग्रेस ने 13 तथा अन्य उम्मीदवारों ने 3 परिषदों में जीत हासिल की है। वहीं नगर पालिकाओं में भाजपा और कांग्रेस के बीच कई स्थानों पर कांटे की टक्कर देखने को मिली।

वार्ड चुनावों में भाजपा को 4,179 वार्डों, कांग्रेस को 3,613 वार्डों और निर्दलीयों को 2,273 वार्डों में सफलता मिली थी। अध्यक्ष पद के चुनाव में भी यही बढ़त काफी हद तक दिखाई दी। कई निकायों में निर्दलीय पार्षदों के समर्थन ने अंतिम परिणामों को प्रभावित किया। पाली और अजमेर जैसे प्रमुख निकायों में बोर्ड गठन के दौरान समर्थन के समीकरण चर्चा का विषय बने रहे।


हालांकि तिजारा नगर परिषद तथा श्रीविजयनगर और खाटूश्यामजी नगर पालिका सहित कुछ निकायों के परिणाम अभी शेष हैं, लेकिन अब तक घोषित नतीजों ने राजस्थान की शहरी राजनीति में भाजपा की मजबूत उपस्थिति को स्पष्ट कर दिया है। वहीं कांग्रेस और अन्य दल शेष परिणामों पर नजर बनाए हुए हैं।

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