साइबर ठगों का नया जाल: फर्जी टैक्स मैसेज भेजकर 40 हजार रुपये की ठगी का प्रयास, लोगों से सतर्क रहने की अपील
"पापा से गलती से आपके खाते में पैसे आ गए" कहकर बनाया शिकार, साइबर ठगों के नए तरीके से लोगों को सतर्क रहने की जरूरत
उदयपुर। (निशांत पंडित )डिजिटल युग में जहां ऑनलाइन बैंकिंग और मोबाइल भुगतान ने लोगों की जिंदगी को आसान बनाया है, वहीं साइबर अपराधी भी नए-नए हथकंडों के जरिए लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। हाल ही में सामने आए एक मामले ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि थोड़ी सी असावधानी किसी को भी आर्थिक नुकसान पहुंचा सकती है।
जानकारी के अनुसार एक युवती के मोबाइल पर अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाली महिला ने खुद को एक व्यक्ति की बेटी बताते हुए कहा कि उसके पिता से गलती से युवती के खाते में 40 हजार रुपये ट्रांसफर हो गए हैं। महिला ने अपनी बात को विश्वसनीय बनाने के लिए एक तथाकथित "टैक्स मैसेज" और लेन-देन से संबंधित स्क्रीनशॉट भी भेजे। इसके बाद उसने भावनात्मक दबाव बनाते हुए कहा कि उसके पिता को पैसों की तत्काल आवश्यकता है और राशि तुरंत वापस भेज दी जाए।
महिला की बातों और लगातार किए जा रहे फोन कॉल से युवती भ्रमित हो गई। बिना बैंक खाते की वास्तविक जांच किए और बिना परिवार या अभिभावकों से सलाह लिए उसने 4 हजार रुपये बताए गए खाते में ट्रांसफर कर दिए। बाद में जब पूरे मामले की जांच की गई तो पता चला कि युवती के खाते में किसी प्रकार की 40 हजार रुपये की राशि आई ही नहीं थी। भेजा गया टैक्स मैसेज और अन्य जानकारी पूरी तरह फर्जी थी।
ठगों का असली मकसद था बड़ी रकम हड़पना
साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक सुनियोजित ठगी का तरीका है। ठग पहले पीड़ित को यह विश्वास दिलाते हैं कि उसके खाते में गलती से बड़ी राशि आ गई है। इसके बाद वे जल्द से जल्द पैसे लौटाने का दबाव बनाते हैं। कई बार लोग बैंक बैलेंस या स्टेटमेंट जांचे बिना ही पैसे ट्रांसफर कर देते हैं। इस मामले में यदि खाते में पर्याप्त राशि होती तो ठग 40 हजार रुपये या उससे अधिक की रकम भी हड़प सकते थे।
क्यों फंस जाते हैं लोग?
साइबर अपराधी आमतौर पर लोगों की भावनाओं, भरोसे और जल्दबाजी का फायदा उठाते हैं। वे खुद को किसी जरूरतमंद व्यक्ति, बैंक कर्मचारी, सरकारी अधिकारी या रिश्तेदार के रूप में पेश कर सकते हैं। कई बार वे नकली मैसेज, स्क्रीनशॉट और फर्जी रसीदें भेजकर लोगों को भ्रमित कर देते हैं।
ऐसे करें अपनी सुरक्षा
विशेषज्ञों के अनुसार यदि कोई व्यक्ति यह दावा करे कि उसने गलती से आपके खाते में पैसे भेज दिए हैं, तो सबसे पहले अपने बैंक खाते की पासबुक, बैंक ऐप या बैंक स्टेटमेंट से राशि प्राप्त होने की पुष्टि करें। केवल व्हाट्सएप स्क्रीनशॉट या मैसेज के आधार पर किसी को भी पैसा वापस न भेजें।
- किसी भी अज्ञात नंबर से आए वित्तीय दावे पर तुरंत भरोसा न करें।
- बैंक खाते में राशि आने की पुष्टि स्वयं करें।
- किसी भी भुगतान से पहले परिवार के सदस्य या बैंक से सलाह लें।
- संदिग्ध लिंक, मैसेज और स्क्रीनशॉट से सावधान रहें।
- किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें।
- ऑनलाइन शिकायत cybercrime.gov.in पोर्टल पर दर्ज करें।
जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव
साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं के बीच विशेषज्ञों का कहना है कि तकनीकी सुरक्षा के साथ-साथ जागरूकता भी बेहद जरूरी है। थोड़ी सी सतर्कता और जानकारी लाखों रुपये के नुकसान से बचा सकती है। यदि कोई व्यक्ति आपसे पैसे मांग रहा है या किसी लेन-देन को लेकर जल्दबाजी का दबाव बना रहा है, तो पहले पूरी जांच-पड़ताल करें और उसके बाद ही कोई कदम उठाएं।
यह घटना सभी लोगों के लिए एक चेतावनी है कि साइबर ठग अब केवल ओटीपी या लिंक के जरिए ही नहीं, बल्कि भावनात्मक कहानियों और फर्जी भुगतान संदेशों के माध्यम से भी लोगों को अपना शिकार बनाने का प्रयास कर रहे हैं। इसलिए सतर्क रहें, जानकारी साझा करें और दूसरों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाएं।

