उदयपुर में 70 फीट ऊंचे रावण का दहन, 100 फीट लंबी सोने की लंका बनी आकर्षण का केंद्र बेमौसम बारिश के बावजूद गांधी ग्राउंड में उमड़ा जनसैलाब, आतिशबाजी के बीच जले रावण, मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतले

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उदयपुर में 70 फीट ऊंचे रावण का दहन, 100 फीट लंबी सोने की लंका बनी आकर्षण का केंद्र,

बेमौसम बारिश के बावजूद गांधी ग्राउंड में उमड़ा जनसैलाब, आतिशबाजी के बीच जले रावण, मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतले


 उदयपुर। झीलों की नगरी उदयपुर के ऐतिहासिक गांधी ग्राउंड में विजयादशमी का पर्व हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। 
दशहरा महोत्सव के दौरान 70 फीट ऊंचे रावण तथा 65-65 फीट ऊंचे मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतलों का भव्य दहन किया गया। वहीं, 100 फीट लंबी सोने की लंका का दहन कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा। रंग-बिरंगी आतिशबाजी और जय श्रीराम के जयघोष के बीच आयोजित इस कार्यक्रम को देखने के लिए बड़ी संख्या में शहरवासी गांधी ग्राउंड पहुंचे।

 बारिश ने बढ़ाई चिंता, 
मौसम साफ होते ही उमड़ी भीड़ दशहरा महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम से कुछ घंटे पहले उदयपुर में अचानक मौसम बदल गया और हल्की बेमौसम बारिश शुरू हो गई। इससे आयोजन समिति और कारीगरों की चिंता बढ़ गई। पुतलों और सोने की लंका को बारिश से बचाने के लिए तत्काल इंतजाम किए गए। हालांकि, कुछ ही देर में बारिश थम गई और आसमान साफ हो गया। 

इसके बाद आयोजकों ने राहत की सांस ली। मौसम अनुकूल होते ही गांधी ग्राउंड, जिसे महाराणा भूपाल स्टेडियम के नाम से भी जाना जाता है, दर्शकों की भारी भीड़ से भर गया। हनुमानजी के स्वरूप ने लगाई सोने की लंका में आग शाम होते ही दशहरा महोत्सव का उत्साह चरम पर पहुंच गया। 

पूरा मैदान जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सबसे पहले हनुमानजी का स्वरूप धारण किए कलाकार ने 100 फीट लंबी सोने की लंका में आग लगाई। 

 देखते ही देखते लंका आग की लपटों में घिर गई। आतिशबाजी और जलती लंका के विहंगम दृश्य ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। इस दौरान मौजूद लोगों ने उत्साह के साथ इस ऐतिहासिक आयोजन का आनंद लिया।

 श्रीराम के अग्निबाण से धधके रावण, मेघनाथ और कुंभकर्ण लंका दहन के बाद भगवान श्रीराम का स्वरूप धारण किए कलाकार ने धनुष से अग्निबाण चलाया। इसके साथ ही 70 फीट ऊंचे रावण और 65-65 फीट ऊंचे मेघनाथ व कुंभकर्ण के पुतले आग की लपटों में घिर गए। 

 करीब 15 मिनट तक चली आतिशबाजी के बीच तीनों पुतले जलकर राख हो गए। इस दौरान कुंभकर्ण के पुतले में आग कुछ समय के लिए रुक गई, जिसके बाद आयोजकों ने उसे दोबारा प्रज्वलित किया। 

 बुराई पर अच्छाई की जीत का दिया संदेश 
 दशहरा महोत्सव ने एक बार फिर बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया। बेमौसम बारिश की बाधा के बावजूद शहरवासियों का उत्साह कम नहीं हुआ। बड़ी संख्या में लोगों ने परिवार के साथ पहुंचकर रावण दहन देखा। इस तरह उदयपुर के गांधी ग्राउंड में दशहरा महोत्सव आतिशबाजी, उत्साह और जय श्रीराम के जयघोष के बीच संपन्न हुआ।

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