दिल्ली में 'चलो संसद' मार्च के दौरान बवाल: आंसू गैस, लाठीचार्ज और सैकड़ों घायल
छात्रों और युवाओं के प्रदर्शन ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी
नई दिल्ली | 20 जुलाई 2026 | N8 News network
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में संसद के मानसून सत्र के पहले दिन आयोजित 'चलो संसद' मार्च के दौरान हालात तनावपूर्ण हो गए। हजारों छात्र, युवा और विभिन्न राज्यों से आए प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ने लगे। पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश के बाद झड़प शुरू हो गई, जिसके बाद कई स्थानों पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए और लाठीचार्ज किया गया।
प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा कथित परीक्षा अनियमितताओं, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने की मांग बताया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे शांतिपूर्ण तरीके से संसद तक अपनी आवाज पहुंचाना चाहते थे, जबकि पुलिस का कहना है कि निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद भीड़ ने आगे बढ़ने और बैरिकेड तोड़ने का प्रयास किया।
क्या हुआ घटनास्थल पर?
सुबह से ही जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में हजारों प्रदर्शनकारी जुटने लगे। पुलिस ने संसद मार्ग की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी थी। जैसे ही भीड़ आगे बढ़ी, पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। कुछ स्थानों पर पथराव और अफरा-तफरी की स्थिति बनी, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
घटनाक्रम
- सुबह से जंतर-मंतर पर हजारों प्रदर्शनकारी एकत्र हुए।
- 'चलो संसद' मार्च की शुरुआत हुई।
- संसद मार्ग पर पुलिस ने बैरिकेड लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोका।
- बैरिकेड पार करने की कोशिश के दौरान झड़प हुई।
- कई स्थानों पर आंसू गैस और लाठीचार्ज किया गया।
- बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी घायल हुए।
- शाम तक प्रदर्शन जारी रहा और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
पुलिस का पक्ष
दिल्ली पुलिस ने कहा कि प्रदर्शन की अनुमति नहीं थी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए। पुलिस ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर चल रहे कुछ दावों की जांच की जा रही है तथा लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है।
प्रदर्शनकारियों का पक्ष
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वे शांतिपूर्ण मार्च निकाल रहे थे, लेकिन उन्हें आगे बढ़ने से रोकने के लिए बल प्रयोग किया गया। कई प्रदर्शनकारियों ने कार्रवाई को अनावश्यक बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
N8 News निष्कर्ष
20 जुलाई का 'चलो संसद' प्रदर्शन राजधानी दिल्ली के हाल के सबसे बड़े जन आंदोलनों में से एक रहा। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के अलग-अलग दावों के बीच मामले की जांच जारी है। घटना ने शिक्षा व्यवस्था, कानून-व्यवस्था और लोकतांत्रिक विरोध के तरीकों पर नई बहस छेड़ दी है।
