निजी विद्यालयों में बच्चों के स्कूल बैग का भार कम करने के लिए ‘स्कूल बैग पॉलिसी 2020’ की सख्ती से पालना सुनिश्चित कराने की मांग
23 july 2026 उदयपुर (N8news network)
हिंदुत्व रक्षा महासंघ अखिल भारतीय स्तर पर सक्रिय एक विशाल महासंघ है, जो बाल विकास, सुदृढ़ भावी पीढ़ी और सनातन संस्कारों के वैचारिक भारतीय आधार पर निरंतर कार्य कर रहा है। संगठन राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राव बहादुर सिंह जी के कुशल नेतृत्व में समाज के प्रबुद्ध नागरिकों, शिक्षकों, अधिवक्ताओं एवं विचारकों को एकजुट कर राष्ट्रहित के विभिन्न मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाता है।
भारी स्कूल बैग की समस्या:
भारी स्कूल बैग के कारण बच्चों शरीर पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है जो उनके कशेरुक स्तंभ (Vertebral Column) और घुटनों (Knees) को नुकसान पहुँचा सकता है।
भारी स्कूल बैग के कारण गर्दन की मांसपेशियों में खिचाव आ सकता है जो सिरदर्द, कंधे के दर्द, पीठ के निचले हिस्से में दर्द और गर्दन तथा हाथ के दर्द का कारण बन सकता है।
शरीर मुद्रा (Body Posture) भी काफी हद तक प्रभावित हो सकती है तथा लंबे समय तक यह स्थिति रहने से शारीरिक असंतुलन की स्थिति उत्पन्न हो सकती है और तंत्रिका तंत्र भी प्रभावित हो सकता है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष का वक्तव्य:
डॉ. राव बहादुर सिंह जी, राष्ट्रीय अध्यक्ष, हिंदुत्व रक्षा महासंघ ने कहा कि “मासूम बच्चों का स्वास्थ्य और उनका शारीरिक-मानसिक विकास राष्ट्र के भविष्य की नींव है। निजी विद्यालयों में अनावश्यक भारी बस्तों का बोझ बच्चों पर डालना न केवल नीति विरुद्ध है बल्कि मानवीय दृष्टि से भी अत्यंत निंदनीय है। यह उनके शिक्षा के प्राप्ति के मूल अधिकार में एक अवरोध है । हम शिक्षा विभाग से मांग करते हैं कि इस दिशा में त्वरित और सख्त कार्रवाई की जाए तथा निजी स्कूलों की ऑडिट की जाकर मौके पर ही स्कूली बैग का वजन तौला जाए तथा व्यापक जनहित के इस मुद्दे पर सरकार संविधान की भावना के अनुरूप लोक कल्याणकारी राज्य की भूमिका निभाएं तथा स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के मुद्दे को प्राथमिकता दे स्कूल बैग पॉलिसी 2020 की व्यवहारिक पालना सुनिश्चित की जाए।”
श्री पीयूष सहलोत, जिला अध्यक्ष (बौद्धिक प्रकोष्ठ), हिंदुत्व रक्षा महासंघ, उदयपुर ने कहा कि “वर्तमान में उदयपुर सहित पूरे राजस्थान के निजी विद्यालयों में छोटी कक्षाओं के बच्चों को भारी-भरकम बैग लाने के लिए विवश किया जा रहा है, जिससे उनकी रीढ़ की हड्डी, कंधों तथा समग्र विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। हम माननीय शिक्षा मंत्री महोदय से आग्रह करते हैं कि ‘स्कूल बैग पॉलिसी 2020’ को पूर्ण रूप से लागू किया जाए तथा छोटे स्कूली बच्चों को राहत प्रदान की जाए ।”
बौद्धिक प्रकोष्ठ,हिंदुत्व रक्षा महासंघ की प्रमुख मांगें:
शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के सभी मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों को ‘स्कूल बैग पॉलिसी 2020’ की कड़ाई से पालना हेतु विशेष परिपत्र जारी किया जाए।
जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को विशेष औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए जाएं।
नियमों का उल्लंघन करने वाले निजी विद्यालयों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई एवं मान्यता रद्द करने तक की सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
भारत सरकार एवं शिक्षा विभाग की ‘स्कूल बैग पॉलिसी 2020’ के प्रमुख प्रावधान:
10% का नियम: बैग का वजन बच्चे के शरीर के वजन का 10% से अधिक नहीं होना चाहिए।
कक्षा-वार भार सीमा:
प्री-प्राइमरी (Nursery/KG): बस्ता मुक्त (कोई बैग नहीं)।
कक्षा 1-2: अधिकतम 1.5 किलोग्राम।
कक्षा 3-5: अधिकतम 2-3 किलोग्राम।
कक्षा 6-7: अधिकतम 4 किलोग्राम।
कक्षा 8-9: अधिकतम 4.5 किलोग्राम।
कक्षा 10: अधिकतम 5 किलोग्राम।
केवल विद्यालय समय-सारणी के अनुसार न्यूनतम आवश्यक किताबें-कॉपियां ही मंगवाई जाएं। भारी वर्कबुक्स, डायरियां आदि प्रतिदिन विद्यालय लाने से मुक्ति पर जाएं ।
बौद्धिक प्रकोष्ठ जिला महामंत्री श्री अंकित जावरिया, जिला मंत्री श्री यश बंबोरिया, जिला उपाध्यक्ष चिराग जैन ,संगठन मंत्री सुरेश पालीवाल, जिला मंत्री यशराज मेहता, जिला मीडिया प्रभारी डी. सी. प्रजापत एवं अनेक वरिष्ठ कार्यकर्ता तथा जागरूक अभिभावक इस अवसर पर उपस्थित थे । संयुक्त निदेशक स्कूली शिक्षा उदयपुर संभाग ने उचित कार्यवाही तथा औचक निरीक्षण का भरोसा दिलाया

